नई दिल्ली: भारतीय खेल जगत से एक बेहद बुरी खबर सामने आई है। टोक्यो ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व कर चुके स्टार भाला फेंक (Javelin Throw) खिलाड़ी शिवपाल सिंह पर राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (NADA) के अनुशासनात्मक पैनल ने दूसरे डोपिंग अपराध के दोषी पाए जाने पर 10 साल का लंबा प्रतिबंध लगा दिया है। शिवपाल प्रतिबंधित पदार्थ 'मेथाएंडिएनोन' (Methandienone) के सेवन के लिए पॉजिटिव पाए गए थे। 31 वर्ष की आयु में लगा यह एक दशक का यह प्रतिबंध उनके शानदार खेल करियर के लिए पूर्ण विराम साबित हो सकता है।

एशियाई चैंपियनशिप में जीत चुके हैं रजत पदक

शिवपाल सिंह के करियर की सबसे बड़ी और गौरवशाली उपलब्धि वर्ष 2019 में आयोजित एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में रजत पदक हासिल करना रही है। कतर के दोहा में हुए उस टूर्नामेंट में उन्होंने 86.23 मीटर का अपना व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए यह मेडल अपने नाम किया था। हालांकि, हालिया समय में डोपिंग के चलते कार्रवाई का सामना करने वाले शिवपाल अकेले भारतीय एथलीट नहीं हैं, बल्कि धाविका एमवी जिल्ना को भी दूसरे डोपिंग उल्लंघन के मामले में अस्थायी रूप से निलंबित किया गया है, जो 'मेफेंटरमाइन' के सेवन के लिए पॉजिटिव पाई गई थीं।

पहले भी भुगत चुके हैं चार साल का प्रतिबंध

यह पहला मौका नहीं है जब शिवपाल डोपिंग विवाद में फंसे हों। इससे पहले वर्ष 2021 में भी उनका एक डोप नमूना प्रतियोगिता से बाहर की गई जाँच के दौरान एक प्रतिबंधित स्टेरॉयड के लिए पॉजिटिव आया था। अगस्त 2022 में नाडा के डोपिंग रोधी अनुशासनात्मक पैनल ने उन्हें दोषी मानते हुए 2021 से चार साल के प्रतिबंध की सजा सुनाई थी, जो वर्ष 2025 तक चलना था।

हालांकि, इसके खिलाफ शिवपाल ने नाडा के अपील पैनल के सामने सफलतापूर्वक यह दलील दी थी कि उनका सैंपल दूषित सप्लीमेंट्स (Contaminated Supplements) के सेवन की वजह से पॉजिटिव आया था। उनकी इस अपील को स्वीकार करते हुए जनवरी 2023 में पैनल ने प्रतिबंध को चार साल से घटाकर मात्र एक साल कर दिया था।

प्रतिबंध हटने के बाद की थी वापसी

सजा कम होने के बाद शिवपाल सिंह ने अप्रैल 2023 में ट्रैक और फील्ड पर शानदार वापसी की थी। उसी वर्ष जून में भुवनेश्वर में आयोजित राष्ट्रीय अंतर-राज्यीय चैंपियनशिप में उन्होंने कांस्य पदक जीता था, जिसके बाद गोवा में हुए राष्ट्रीय खेलों में भी उन्होंने अपनी लय बरकरार रखते हुए स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया था। लेकिन अब इस नए 10 साल के प्रतिबंध के बाद उनके करियर पर संकट के बादल मंडरा गए हैं।