घरेलू शेयर बाजार में 16 सितंबर को मजबूती का रुख रहा। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों प्रमुख सूचकांक हरे निशान पर बंद हुए। दूसरी ओर, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की बिकवाली और वैश्विक बाजार में अमेरिकी डॉलर की मजबूती के कारण भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले लगातार सातवें सत्र में गिरावट के साथ बंद हुआ।

शेयर बाजार और मुद्रा बाजार के मुख्य आंकड़े

  • बीएसई सेंसेक्स: 332.63 अंक (0.45%) चढ़कर 74,336.45 पर बंद हुआ।

  • एनएसई निफ्टी: 99.00 अंक (0.43%) की बढ़त के साथ 23,217.60 पर पहुंचा।

  • भारतीय रुपया (USD/INR): 7 पैसे टूटकर 95.95 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ।

  • डॉलर सूचकांक (DXY): 0.04% की बढ़त के साथ 99.38 पर कारोबार कर रहा था।

  • ब्रेंट कच्चा तेल: 1.14% की गिरावट के साथ 107.51 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर रहा।

रुपये की गिरावट के मुख्य कारण

विदेशी मुद्रा व्यापारियों के अनुसार, अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 95.89 पर खुला और कारोबार के दौरान 95.85 से 95.98 के दायरे में रहा। रुपये पर दबाव के प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं:

  • विदेशी निवेशकों की बिकवाली: आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने शुद्ध आधार पर ₹2,977.86 करोड़ मूल्य के शेयर बेचे।

  • डॉलर और ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी: अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों के संबंध में आने वाले फैसलों से पहले डॉलर में मजबूती देखी गई।

  • पश्चिम एशिया में तनाव: यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब के जहाजरानी व बुनियादी ढांचे पर हमलों से लाल सागर के जरिए तेल आपूर्ति बाधित होने की आशंका बढ़ी है।

हालांकि, घरेलू शेयर बाजार में आई तेजी ने रुपये की भारी गिरावट को रोकने का काम किया और इसे एक सीमित दायरे में बनाए रखा।