प्रातःकाल खाली पेट किए जाने वाले आहार का हमारे स्वास्थ्य और चयापचय (मेटाबॉलिज्म) पर प्रत्यक्ष प्रभाव पड़ता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, खाली पेट लहसुन अथवा उसके साथ गुड़ का सेवन हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में विशेष रूप से सहायक सिद्ध हो सकता है। लहसुन में 'एलिसिन' नामक सक्रिय यौगिक पाया जाता है, जो इसे विशिष्ट गंध एवं स्वाद प्रदान करने के साथ-साथ अनेक स्वास्थ्य लाभ भी देता है।

पोषक तत्वों से भरपूर है लहसुन

आयुर्वेद में लहसुन को एक प्रभावी औषधि माना गया है। आधुनिक चिकित्सा विज्ञान के अनुसार, इसमें विटामिन B1, B2, B6, विटामिन C, K, मैंगनीज, सेलेनियम और पोटैशियम जैसे आवश्यक पोषक तत्व प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं।

खाली पेट लहसुन और गुड़ के सेवन के प्रमुख लाभ

  • हीमोग्लोबिन और आयरन में वृद्धि: शरीर में रक्त की कमी दूर करने हेतु लहसुन के साथ गुड़ का सेवन अत्यंत लाभदायक है। इससे आयरन की पूर्ति होती है और शरीर को ऊर्जा प्राप्त होती है।

  • मेटाबॉलिज्म और वजन नियंत्रण: यह संयोजन चयापचय दर को गति प्रदान करता है, जिससे वजन नियंत्रित करने में सहायता मिलती है।

  • रोग प्रतिरोधक क्षमता में सुधार: बदलते मौसम एवं संक्रामक रोगों से बचाव हेतु लहसुन-गुड़ का सेवन इम्युनिटी को सुदृढ़ करता है।

  • पाचन स्वास्थ्य: सुबह खाली पेट इसका नियमित सेवन करने से पाचन संबंधी समस्याओं में राहत मिलती है।

वैज्ञानिक शोध एवं अध्ययन के निष्कर्ष

  • वर्ष 2020 की शोध समीक्षा: पुराने काले लहसुन का अर्क (ब्लैक गार्लिक एक्सट्रैक्ट) खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को घटाने तथा अच्छे कोलेस्ट्रॉल (HDL) का स्तर बढ़ाने में अत्यधिक प्रभावी पाया गया।

  • वर्ष 2016 का चिकित्सकीय अध्ययन: उच्च कोलेस्ट्रॉल से पीड़ित व्यक्तियों पर किए गए 8 सप्ताह के एक अध्ययन में पाया गया कि प्रतिदिन 20 ग्राम कच्चा लहसुन (लगभग 4 कलियां) और एक बड़ा चम्मच नींबू का रस लेने से बैड कोलेस्ट्रॉल के स्तर में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई।

सेवन हेतु आवश्यक सावधानियां

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, चूंकि लहसुन की तासीर गर्म एवं तीक्ष्ण होती है, इसलिए पेप्टिक अल्सर, गैस्ट्रिक अथवा पित्त दोष से पीड़ित व्यक्तियों को इसका सेवन सावधानीपूर्वक करना चाहिए। यदि आप किसी दीर्घकालिक बीमारी की औषधि ले रहे हैं, तो इसके नियमित सेवन से पूर्व चिकित्सकीय परामर्श अनिवार्य है।