रूस ने पूर्वी यूक्रेन के शहर वेलीका नोवोसिल्का पर कब्जे का किया दावा
लगभग दो साल से चल रहा रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म नहीं हो पा रहा है। दोनों देशों की सेनाएं एक-दूसरे के क्षेत्र पर कब्जा करने के लिए लगातार आगे बढ़ रही हैं। अब रूस ने पूर्वी यूक्रेन के शहर पर रणनीतिक कब्जे का दावा किया है। रूस ने कहा कि देश के औद्योगिक क्षेत्र कीव की पकड़ कमजोर करने के लिए लगातार हमारे प्रयास जारी हैं। रूसी रक्षा मंत्रालय ने पूर्वी यूक्रेन की एक बस्ती वेलीका नोवोसिल्का के पतन का एलान किया। जहां युद्ध के पहले करीब पांच हजार लोग रहते थे। जबकि यूकेन का कहना है कि केवल कुछ ही क्षेत्रों से उसके सैनिक पीछे हटे हैं।
रूस के दावों की अगर पुष्टि हो जाती तो वेलिका नोवोसिल्का 2025 में यूक्रेन की थकी और कम संख्या वाली सेना के खिलाफ पूर्वी डोनेट्स्क क्षेत्र में मास्को के सामने आत्मसमर्पण करने वाला पहला महत्वपूर्ण शहर बन जाएगा। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पूर्वी यूक्रेन में घेरेबंदी से बचने के लिए यूक्रेनी सेना को वेलिका नोवोसिल्का के कुछ हिस्सों से पीछे हटना पड़ा। जबकि ब्रिगेड फ्रंटलाइन यहां सक्रिय है।
यूक्रेन की ब्रिगेड ने कहा कि तोपखाने और ड्रोन के मामले उनकी ताकत रूसी सेना के लगभग बराबर है, लेकिन जनशक्ति के मामले में रूस के पास सैनिकों की बड़ी संख्या है। ब्रिगेड ने कहा कि मौसम की स्थिति और घेरे जाने का खतरा देख हमारी सैन्य इकाइयां कुछ क्षेत्रों से पीछे हट गईं। इसका मतलब यह नहीं है कि हमने शहर पूरी तरह से छोड़ दिया है। वेलिका नोवोसिल्का में लड़ाई जारी है। हमारा उद्देश्य हमारे अपने नुकसान को कम करना और दुश्मन को अधिकतम नुकसान पहुंचाना है।
ब्रिगेड ने कहा कि हमारे पीछे हटने से रूसी सेना का आगे बढ़ना भौगोलिक रूप से कठिन हो जाएगा। क्योंकि उनके आगे बढ़ने में नदी बड़ी बाधा बनेगी। दुश्मन को कोई शांति नहीं मिलेगी। क्योंकि गोले और ड्रोन के कारण उनकी हर गतिविधि बाधित कर दी जाएगी। रूसी सेना ने पिछले साल रूस ने यूक्रेन के डोनेट्स्क के अवदीवका और वुहलदार शहरों पर कब्ज़ा कर लिया था। रूस ने तोपखाने, ग्लाइड बम और ड्रोन के जरिये इन शहरों को तबाह कर दिया गया था। अब रूस की सेना अब डोनेट्स्क के पोक्रोवस्क और चासिव यार पर कब्जा करने की कोशिश कर रही है।

भीषण गर्मी का कहर—स्कूलों में समय से पहले घोषित हुई गर्मियों की छुट्टियां
दमदम में पीएम मोदी का बड़ा हमला—“बंगाल का गौरव बचाने को TMC से मुक्ति जरूरी”
जबलपुर रेल मंडल में पोषण पखवाड़ा 2026: जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन
“बंगाल जीतकर दिल्ली पर कब्जा”: ममता बनर्जी का बीजेपी पर बड़ा हमला
जबलपुर से गुजरने वाली स्पेशल ट्रेनें 16 घंटे लेट, यात्रियों की बढ़ी परेशानी