महाशिवरात्रि में ऐसे करें महादेव की पूजा, पूरी होगी हर मनोकामना! बस इन बातों का रखें ध्यान
वैसे तो हर महीने शिवरात्रि का व्रत रखा जाता है, लेकिन माघ महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को महाशिवरात्रि का व्रत रखा जाता है. महाशिवरात्रि का दिन शिव भक्तों के लिए सबसे उत्तम दिन माना जाता है. इस दिन भगवान भोलेनाथ की विधि विधान के साथ पूजा आराधना करने पर भगवान भोलेनाथ प्रसन्न होते हैं. इससे भगवान भोलेनाथ बेहद प्रसन्न भी होते हैं और जातक की मनोकामनाएं अवश्य पूर्ण होती है. महाशिवरात्रि के दिन सभी शिवालय से शिव बारात भी निकाली जाती है. माना जाता है कि इस दिन भगवान भोलेनाथ और माता पार्वती का विवाह भी संपन्न हुआ था. वहीं कुछ ऐसी वस्तुएं हैं, जिन्हें महाशिवरात्रि के दिन भगवान भोलेनाथ के शिवलिंग के ऊपर अवश्य अर्पण करनी चाहिए. वह वस्तु भगवान भोलेनाथ को बेहद प्रिय है. किन वस्तुओं को करें अर्पण जानते हैं, देवघर बैद्यनाथ मंदिर के प्रसिद्ध तीर्थ पुरोहित प्रमोद श्रृंगारी जी से?
क्या कहते हैं देवघर बैद्यनाथ मंदिर के तीर्थ पुरोहित?
देवघर के बैद्यनाथ मंदिर के प्रसिद्ध तीर्थ पुरोहित प्रमोद श्रृंगारी ने लोकल 18 के संवाददाता से बातचीत करते हुए कहा कि हर साल महाशिवरात्रि माघ महीने की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है. इस साल 26 फरवरी को महाशिवरात्रि का व्रत रखा जाएगा. शिव पुराण के अनुसार महाशिवरात्रि के दिन ही भगवान भोलेनाथ की शिवलिंग प्रकट हुई थी. इसलिए इस दिन भगवान भोलेनाथ के शिवलिंग के पूजा की विधान है. इसके साथ ही शिव पुराण के अनुसार इस दिन भगवान भोलेनाथ और माता पार्वती का विवाह भी संपन्न हुआ था. महाशिवरात्रि के दिन भगवान भोलेनाथ के ऊपर एक सच्चे मन से एक बेलपत्र अर्पण करने से भी भगवान भोलेनाथ बेहद प्रसन्न होते हैं. इसके साथ ही और भी कई ऐसी वस्तुए है, जो शिवलिंग पर अर्पण करनी चाहिए.
शिवलिंग के ऊपर करें इन चीजों का अर्पण
तीर्थंपुरोहित प्रमोद श्रृंगारी जानकारी देते हैं कि बेलपत्र के साथ-साथ गाय की चीजें जैसे दूध और दूध से बने दही, घी, शहद, और शक्कर ये सारे वस्तु भगवान भोलेनाथ को बेहद प्रिय है. इसलिए महाशिवरात्रि के दिन भगवान भोलेनाथ के शिवलिंग के ऊपर ये सारी चीजे अर्पण अवश्य करनी चाहिए. इसके साथ ही महाशिवरात्रि के दिन भगवान भोलेनाथ के शिवलिंग के ऊपर गंगाजल, बेलपत्र, आंक और धतूरा का पुष्प भी अर्पण करना चाहिए. इन वस्तुओ को शिवलिंग मे अर्पण करते हैं, तो पूजा पूरी मानी जायेगी. क्योंकि ये सारे वस्तु भगवान भोलेनाथ को बेहद प्रिय हैं.

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