अनंत चतुर्दशी पर कर लिया यह उपाय, तो बरसेगी भगवान विष्णु की कृपा और दूर होंगे सारे कष्ट
वैदिक पंचांग के अनुसार साल भर पर्वों का आगमन होता रहता है. भाद्रपद का महीना भी अपने साथ कई तीज त्यौहार लेकर आता है. भाद्रपद के दौरान विष्णु भगवान क्षीर सागर में विश्राम करते हैं और पूरी सृष्टि का संचालन भगवान शिव द्वारा किया जाता हैं. भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि, भगवान विष्णु के समर्पित होती है. इस दिन अनंत चतुर्दशी को मनाने का विधान होता है. इस दिन का व्रत करने और 14 गांठ वाला धागा धारण करने पर अनेक चमत्कारी लाभ मिलने की धार्मिक मान्यता है और उसी के साथ विष्णु भगवान की कृपा सदैव बनी रहती है.
क्यों है 14 गांठ वाले सूत्र को बांधना जरूरी
अनंत चतुर्दशी के दिन 14 गांठ वाला धागा धारण करने के महत्व की ज्यादा जानकारी देते हुए हरिद्वार के विद्वान ज्योतिषाचार्य पंडित श्रीधर शास्त्री बताते हैं कि अनंत चतुर्दशी का पर्व भगवान विष्णु को समर्पित होता है. इस दौरान विष्णु भगवान क्षीर सागर में योग निद्रा में होते हैं. अनंत चतुर्दशी भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को होने वाला पर्व है. इस दिन विष्णु भगवान के अनंत रूपों के पूजा अर्चना, पूजा पाठ और उनका ध्यान करने मात्र से सभी पापों से मुक्ति, मोक्ष की प्राप्ति और परम आनंद की प्राप्ति होती है. पूजा पाठ पूजा अर्चना करते हुए हाथ में 14 गांठ वाला सूत्र (धागा) बांधने का विधान है.
अनंत चतुर्दशी पर विष्णु भगवान के स्त्रोत, मंत्र आदि का पाठ करते हुए सूती धागे को हल्दी में डाला जाता है और इसमें 14 गांठ लगाई जाती है. पुरुष इस धागे को दाएं हाथ में धारण करते हैं, तो वही स्त्रियां इसी धागे को बाय हाथ में बांधती हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार 14 गांठ वाला सूती धागा हाथ में बांधने से 14 लोको में यश की प्राप्ति होती है और विष्णु भगवान अक्षय फल प्रदान करते हैं.

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