मोदी ने कहा- ‘देशहित से जुड़ा हर शब्द प्रेरक’, सराहा भागवत का भाषण
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की स्थापना के 100 साल पूरे हो गए हैं. इस मौके पर नागपुर में आयोजित कार्यक्रम में संघ प्रमुख मोहन भागवत ने देश के तमाम मुद्दों पर अपनी बात रखी. उनके संबोधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रतिक्रिया दी है. प्रधानमंत्री ने कहा कि संघ प्रमुख मोहन भागवत का उद्बोधन प्रेरक है. उन्होंने देश की नई ऊंचाइयों को छूने की अंतर्निहित क्षमता को उजागर किया है.
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, परम पूज्य सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने अपने प्रेरक उद्बोधन में राष्ट्र निर्माण में संघ के अतुलनीय योगदान पर प्रकाश डाला है. उन्होंने भारतवर्ष के उस सामर्थ्य को भी रेखांकित किया है, जो देश को सशक्त बनाने के साथ-साथ संपूर्ण मानवता के लिए भी कल्याणकारी है.
संघ प्रमुख ने क्या कहा?
मोहन भागवत ने गुरुवार को कहा, हिंदू समाज की शक्ति और चरित्र एकता की गारंटी देते हैं. हिंदू समाज में हम और वे की अवधारणा कभी अस्तित्व में नहीं रही. संघ प्रमुख ने स्वदेशी और स्वावलंबन का समर्थन करते हुए कहा कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद दुनिया के तमाम देशों द्वारा अपनाए गए रुख से भारत के साथ उनकी मित्रता के स्वरूप और प्रगाढ़ता का पता चला है.
मोहन भागवत ने कहा कि पहलगाम में आतंकवादियों ने धर्म पूछकर 26 लोगों की हत्या की थी, लेकिन हमारी सेना के कौशल और सरकार के नेतृत्व ने इस हमले का जवाब देकर देश के मजबूत होने का परिचय दिया है. इस हमले के बाद पता चला कि हमारे मित्र कौन हैं और वो हमारा कितना समर्थन करते हैं. हम सबके प्रति मित्र का भाव रखते हैं, फिर भी हमें अपनी सुरक्षा को लेकर सतर्क रहना चाहिए.
नागपुर में कार्यक्रम
बता दें कि RSS ने अपने 100 साल पूरे करने के इस मौके पर नागपुर के संगठन मुख्यालय रेशमबाग मैदान में एक कार्यक्रम आयोजित किया. इस दौरान 20 हजार से ज्यादा स्वयंसेवकों ने हिस्सा लिया. संघ की स्थापना 1925 में विजयदशमी के दिन डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने की थी. देशभर में 83 हजार से ज्यादा शाखाओं में विजयदशमी के अवसर पर एक खास आयोजन किया जा रहा है.

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