Valentine Week Special: इश्क के दरिया में डूबे पर नहीं मिला किनारा, रेखा का अधूरा प्यार और मधुबाला का इंतजार
ये इश्क नहीं आसां बस इतना समझ लीजे
इक आग का दरिया है और डूब कर जाना है…’
जिगर मुरादाबादी का लिखा यह शेर फिल्मी दुनिया की कई जोड़ियाें पर सही उतरा। हर प्रेम कहानी की अपनी शुरुआत और अंत होता है।
इस वैलेंटाइन वीक सीरीज में हम आपको सिनेमा जगत की ऐसी ही कई प्रेम कहानियों से रूबरू करवाएंगे। आज बात करेंगे उन प्रेम कहानियों पर जो शुरू तो हुईं साथ चलने के इरादे से, मगर इन्हें अपनी मंजिल न मिल सकी।
मधुबाला ने आजमायी दिलीप के प्यार में किस्मत
1951 में फिल्म ‘तराना’ के सेट से शुरू हुई दिलीप कुमार और मधुबाला की प्रेम कहानी लगभग एक दशक तक चली। इस दौरान दोनों ने साथ में 'संगदिल' और 'अमर' जैसी कई फिल्मों मे साथ काम किया। बाद में के आसिफ की ‘मुगल-ए-आजम’ करके यह जोड़ी पर्दे पर अमर हो गई। रिपोर्टस के मुताबिक एक वक्त था जब दोनों की सगाई हो चुकी थी और जल्द शादी होने वाली थी। मगर तभी उनके रिश्ते में एक मोड़ आया। मधुबाला की गिरती सेहत और 1957 में हुए फिल्म 'नया दौर' के कोर्ट केस की वजह से इनके रिश्ते में खटास आ गई। अंत में मधुबाला को दिल की बिमारी हो गई और उन्हें अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। अपने अंतिम वक्त में उन्होंने दिलीप कुमार को अस्पताल बुलाया और उनसे मिल कर दुनिया को अलविदा कहा। हालांकि, ताउम्र उन्हें अपने दिलीप का इंतजार रहा।
एमजीआर-जयललिता का फिल्मों से राजनीती तक का सफर
यह कहानी शुरू हुई 1965 में जब साउथ के सुपरस्टार एमजी रामचंद्रन ने फिल्म ‘आयीरथिल ओरुवन’ की शूटिंग के दौरान जयललिता को देखा। 17 साल की जया को देखकर एमजीआर का दिल पिघल गया। वे जया के मार्गदर्शक बने और व्यक्तिगत जिंदगी में भी काफी नजदीक रहे। दोनों ने साथ में करीब 28 फिल्में कीं। यह जोड़ी पर्दे पर तो सफल रही ही और रियल लाइफ में भी जयललिता एमजीआर के आखिरी वक्त तक उनके साथ रहीं। पर्दे से लेकर लेकर राजनीति तक एमजीआर ने भी जयललिता का हर जगह काफी सपोर्ट किया। हालांकि, इस रिश्ते में जयललिता हमेशा अपना मुकाम तलाशतीं रहीं पर एमजीआर पहले से ही शादीशुदा थे। ऐसे में दोनों की प्रेम कहानी कभी शादी तक नहीं पहुंच पाई। 1987 में एमजीआर के निधन के बाद जयललिता जिंदगीभर अकेली रहीं। बाद में वो भी तमिलनाडु की मुख्यमंत्री बनी और जन सेवा में सक्रिय रहीं।
रेखा ने देखा ख्वाब तो शुरू हुए अमिताभ से सिलसिले
अमिताभ बच्चन और रेखा की प्रेम कहानी की शुरुआत 1976 में फिल्म 'दो अनजाने' के सेट से हुई थी। उस समय अमिताभ पहले से ही शादीशुदा थे। हालांकि, यह सीक्रेट अफेयर तब सामने आया जब 1978 में फिल्म 'गंगा की सौगंध' के सेट पर अमिताभ ने रेखा के साथ बदतमीजी करने वाले एक सह-कलाकार को सबके सामने बुरी तरह डांटा था। इसके दो साल बाद 1980 में जब रेखा ने ऋषि कपूर और नीतू सिंह की शादी में सिंदूर और मंगलसूत्र पहनकर एंट्री की, तब अमिताभ संग उनके अफेयर की चर्चाओं को और हवा मिली। हालांकि, इन अफवाहों से रेखा और अमिताभ को फर्क नहीं पड़ा और दोनों ने एक साथ कई सफल फिल्में कीं, जिनमें ‘मुकद्दर का सिकंदर’, ‘मिस्टर नटवरलाल’ और ‘सिलसिला’ शामिल हैं। कहा जाता है कि इस लव स्टोरी का अंत तब हुआ जब जया बच्चन ने रेखा को घर पर डिनर के लिए बुलाया और कहा कि वह अमित को कभी नहीं छोड़ेंगी। इसके बाद अमिताभ और रेखा ने कभी साथ काम नहीं किया पर रेखा कई बार इशारों में अमिताभ के लिए अपना प्यार जाहिर कर चुकी हैं।
जब सलमान दे चुके थे एश्वर्या को दिल
फिल्मी दुनिया के कई जोड़े ऐसे भी थे जिन्हें फैंस रियल लाइफ में भी साथ देखना चाहते थे। इस लिस्ट में सलमान खान और एश्वर्या राय का नाम भी शुमार था। दोनों की लव स्टोरी 1999 में रिलीज हुई फिल्म ‘हम दिल दे चुके सनम’ के सेट से शुरू हुई। फिल्म में दोनों की केमिस्ट्री ने दर्शकों का दिल जीत लिया और असल जिंदगी में भी दोनों का रिश्ता प्यार में बदल गया। दोनों ने डेटिंग शुरू की और सलमान, ऐश को लेकर काफी सीरियस थे। हालांकि, धीरे-धीरे इस रिश्ते में दूरियां आने लगीं। साल 2002 में दोनों आधिकारिक रूप से अलग हो गए। ऐश्वर्या ने एक इंटरव्यू में सलमान पर शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और शराब की लत के गंभीर आरोप लगाए। ब्रेकअप के बाद जब ऐश्वर्या का नाम विवेक ओबेरॉय से जुड़ा तो सलमान के साथ उनका रिश्ता और बिगड़ गया। साल 2003 में विवेक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि सलमान ने उन्हें ऐश्वर्या के साथ रिश्ते के कारण धमकी दी है। इसके बाद तो जो हुआ उससे सलमान और ऐश का रिश्ता लगभग खत्म ही हो गया।प्यार, जुनून और फिर एक दिल तोड़ने वाला अंत। जहां इस बुरे दौर के बाद एश्वर्या ने अपनी जिंदगी में आगे बढ़ते हुए अभिषेक बच्चन को जीवन साथी चुन लिया। वहीं कई कोशिशों के बाद भी भाईजान को अपना हमसफर न मिल सका।
करीना को बैठे बिठाए दिखी शाहिद में जन्नत
2000 के दौर में फैंस ने अपनी फेवरेट जोड़ियों को टूटते हुए देखा था। मगर फिर बॉलीवुड की फिल्मों में किरदार बदले शर्मीली एक्ट्रेसस से अब जमाना आ चुका था बोल्ड एक्ट्रेसस का, करीना कपूर फिल्मी दुनिया में कदम रख चुकीं थीं। वहीं शाहिद भी नए दिलों की धड़कन बन चुके थे। फिर 2004 शुरू हुई फिल्म ‘फिदा’ की शूटिंग जहां ये जवां दिल एक दूजे के लिए धड़कने लगे। करीना ने खुलेआम कई बार इश्क का इजहार किया। कई इंटरव्यूज में एक्ट्रेस ने यह भी स्वीकार किया कि एक्टर को उन्होंने ही प्रपोज किया था। 2007 में रिलीज हुई ‘जब वी मेट’ में दर्शकों ने भी दोनों की जोड़ी को खूब प्यार दिया। मगर तब तक असल जिंदगी में दोनों एक दूजे से दूर हो चुके थे। 2012 में करीना ने सैफ को अपना हमसफर चुना। तीन साल बाद साल 2015 में शाहिद, मीरा के हुए।
जॉन और बिपाशा ने एक दूजे पर किया ऐतबार
जॉन अब्राहम और बिपाशा बसु की जोड़ी नौ साल तक साथ रही। 2003 में दोनों ने फिल्म ‘जिस्म’ में पहली बार साथ काम किया था। इसी फिल्म की शूटिंग के दौरान दोनों करीब आए और फिर लंबे वक्त तक साथ रहे। फैंस इस जोड़ी के शादी की अनांउसमेंट का इंतजार कर रहे थे। मगर रिपोर्टस के मुताबिक बिपाशा जहां जॉन के साथ घर बसाना चाहतीं थीं, वहीं एक्टर इस जिम्मेदारी के लिए तैयार नहीं थे। दोनों के अलग होने का भी यही कारण रहा। एक वक्त तक बिपाशा दिल टूटने से उबर नहीं पाई पर कुछ साल बाद उन्होंने करण सिंह ग्रोवर को अपना हमसफर चुना। वहीं, जॉन ने प्रिया रुंचाल से शादी की।
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वैलेंटाइन वीक की इस कड़ी में कल पढ़िए
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