रीवा। मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला की उपस्थिति में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी सोसाइटी एवं नेशनल हॉस्पिटल के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय लाइव लेप्रोस्कोपिक सर्जरी कार्यशाला एवं सीएमई का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण लाइव लेप्रोस्कोपिक सर्जरी रही, जो रीवा में इस आधुनिक तकनीक के माध्यम से पहली बार आयोजित की गई।

लाइव सर्जरी का किया गया सीधा प्रसारण

कार्यक्रम के अंतर्गत नेशनल हॉस्पिटल के ऑपरेशन थिएटर में की जा रही सर्जरी का सीधा प्रसारण सेलिब्रेशन होटल में उपस्थित चिकित्सकों को सैटेलाइट के माध्यम से दिखाया गया. यह सर्जरी प्रसिद्ध स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. पूजा गंगवार एवं राष्ट्रीय स्तर के लेप्रोस्कोपिक सर्जरी विशेषज्ञ डॉ. अजय हलदर (भोपाल) द्वारा की गई. उपस्थित चिकित्सकों ने सर्जरी को प्रत्यक्ष रूप से देखा तथा विशेषज्ञों से संवाद कर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया. सभी सर्जरी मरीजों की पूर्ण सहमति से एवं निःशुल्क की गईं।

उप मुख्यमंत्री ने की सराहना

अतिथि के रूप में प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला उपस्थित रहे. उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि प्रीवेंशन इज बेटर देन क्योर की भावना के साथ चिकित्सा क्षेत्र में कार्य करना अत्यंत आवश्यक है. उन्होंने लाइव लेप्रोस्कोपिक सर्जरी कार्यशाला की सराहना करते हुए चिकित्सकों को नई तकनीकों को सीखने एवं अपनाने के लिए प्रेरित किया तथा अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की सभी को कामनाएं भी दीं. कार्यशाला के दौरान लेप्रोस्कोपिक सर्जरी से संबंधित विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा व्याख्यान भी प्रस्तुत किए गए।

प्रदेश के प्रसिद्ध चिकित्सक रहे उपस्थित

इनमें डॉ. कल्पना यादव, डॉ. पद्मा शुक्ला, डॉ. सौम्या एवं डॉ. अनामिका ने अपने विचार एवं अनुभव साझा किए. कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. तान्या द्वारा किया गया. इस अवसर पर रीवा के अनेक वरिष्ठ एवं युवा चिकित्सक उपस्थित रहे, जिनमें डॉ. गीता बनर्जी, डॉ. स्वरूप सागर, डॉ. पद्मा शुक्ला, डॉ. रेखा सिंघल, डॉ. अनुराधा मिश्रा, डॉ. कल्पना यादव, डॉ. अर्चना पांडेय, डॉ. शैलजा सोनी, डॉ. मुक्ता शर्मा, डॉ. ऋचा पटेल, डॉ. वंदना, डॉ. मिनी, डॉ. सौम्या, डॉ. आकृति सहित कई चिकित्सकों ने सहभागिता की। इस कार्यशाला के माध्यम से रीवा एवं आसपास के क्षेत्रों के चिकित्सकों को आधुनिक लैप्रोस्कोपिक तकनीकों की जानकारी प्राप्त हुई, जिससे भविष्य में मरीजों को उन्नत एवं बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।