पुरानी रंजिश में खूनी हमला, चार आरोपी गिरफ्तार
जांजगीर-चांपा। जिले के बलौदा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बैजलपुर में जांजगीर-चांपा मारपीट मामला सामने आने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुरानी रंजिश के चलते हुई इस घटना में आरोपियों ने पीड़ित पर टांगी और डंडे से हमला किया था। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त हथियार भी जब्त कर लिए हैं। सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
पुलिस के अनुसार, ग्राम बैजलपुर निवासी हंषराज कश्यप ने बलौदा थाना में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 14 जनवरी को गांव में आयोजित एक छट्ठी कार्यक्रम के दौरान नाचने-बजाने को लेकर कुछ लोगों से विवाद हुआ था। उस समय ग्रामीणों की समझाइश से मामला शांत हो गया, लेकिन इसी बात को लेकर आरोपियों के मन में रंजिश बनी रही।
घटना की रात करीब 8:30 बजे हंषराज अपने घर के पास मौजूद था। तभी लोकेश केवट वहां पहुंचा और गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी। कुछ ही देर में अश्वनी केवट, मनमोहन गांधी और भोला प्रसाद केवट भी मौके पर आ गए। चारों ने मिलकर हाथ-मुक्कों, डंडा और टांगी से हंषराज पर हमला कर दिया। हमले में उसे सिर, हाथ और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं।
शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और बीच-बचाव कर पीड़ित को बचाया। घायल हंषराज को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज किया गया। जांजगीर-चांपा मारपीट मामला को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय के निर्देश पर पुलिस ने जांच तेज की।
पीड़ित के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और प्रत्यक्षदर्शियों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपियों ने जुर्म कबूल किया। पुलिस ने कहा है कि गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्त निगरानी जारी रहेगी और कानून हाथ में लेने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

नरेंद्र मोदी ने पुलवामा शहीदों को दी श्रद्धांजलि, बोले– उनका साहस हर भारतीय को करता है प्रेरित
छत्तीसगढ़ के राशन कार्डधारकों के लिए खुशखबरी… इस दिन से मिलेगा एक साथ 2 महीने का चावल
पहाड़ से जंगल तक पक्के घर: छिंदवाड़ा प्रधानमंत्री की गुड लिस्ट में टॉप
बाबा महाकाल के दर्शन होंगे आसान, भोपाल-उज्जैन के बीच चलेंगी 3 जोड़ी स्पेशल ट्रेनें, जानिए रूट और शेड्यूल
सोने-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव से असंगठित ज्वैलर्स की बिक्री में गिरावट, जानें क्या है वजह
बेरहम बाजार: क्या एआई निगल जाएगा भारत की आईटी कंपनियों का भविष्य? 4.5 लाख करोड़ रुपये हवा हुए, अब आगे क्या?