पीएम मोदी के हाथों हो सकता है दरभंगा एम्स का शिलान्यास
पटना। दरभंगा एम्स निर्माण के लिए शिलान्यास को लेकर 12 फरवरी को केन्द्रीय टीम पहुंच रही है। हो सकता है, 15 फरवरी को पीएम मोदी इसका शिलान्यास कर दें। हालांकि बिहार में एम्स निर्माण के लिए लिए यह दूसरा प्रस्ताव है। एक प्रस्ताव पिछले साल दिसंबर में भेजा गया था। पहले डीएमसीएच अस्पताल परिसर में एम्स बनाने का प्रस्ताव राज्य सरकार ने पास किया था। लेकिन, बदलते राजनीति परिवेश के बाद में राज्य सरकार ने शोभन बाईपास में बिहार के दूसरे एम्स के निर्माण के लिए नया प्रस्ताव दिय गया है। दरभंगा के शोभन बाईपास में एम्स का शिलान्यास की चर्चाएं शुरू हो गयी है। फिलहाल डीएमसीएच परिसर में कई वर्षों से बनकर तैयार सुपर स्पेशलिटी अस्पताल का उद्घाटन भी होना है। जानकर बताते है कि दोनों कार्यक्रम को निर्धारित करने को लेकर केंद्रीय टीम आगामी 12 फरवरी को दरभंगा पहुंचने वाली है। टीम की ओर से बेहतर चिकित्सा व्यवस्था के मद्देनजर डीएमसीएच परिसर में निर्मित सुपर स्पेशलिटी अस्पताल का निरीक्षण किया जायेगा। साथ ही एम्स के शिलान्यास कार्यक्रम को आगे भी बढ़ाया जायेगा।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आगामी 15 फरवरी को प्रस्तावित पीएम नरेंद्र मोदी के बिहार दौरे के कार्यक्रम की तैयारियां हो रही हैं। आने वाली संबंधित टीम की ओर से भेजी गई विभागीय रिपोर्ट के आधार पर आगामी 15 फरवरी को प्रधानमंत्री सुपर स्पेशलिटी अस्पताल का उद्घाटन व एम्स का शिलान्यास कर सकते हैं। इसे लेकर प्रदेश स्तर पर विभाग को पत्र के माध्यम से सूचित कर दिया गया है। स्थानीय जिला प्रशासन को भी टाइम टेबल से संबंधित लेटर आगामी कुछ दिनों में प्राप्त होने की बात कही गयी है। यह जानकारी जिला प्रशासन की ओर से दी गयी है। फिलहाल तो केन्द्रीय स्वास्थ्य विभाग के सचिव का दरभंगा आगमन हो रहा है।

शोएब अख्तर ने गिरगिट की तरह बदला रंग!: मना रहे थे भारत बाहर हो जाए, जब पाकिस्तान पर तलवार लटकी तो बदल गए तेवर
श्रीनगर-जम्मू वंदे भारत के विस्तार पर ब्रेक, रेलवे ने रोकी योजना
पीएम मोदी के इजराइल दौरे पर कांग्रेस का तीखा वार, ‘नैतिक कायरता’ का आरोप
Sikkim में भारी बर्फबारी, त्सोमगो झील के पास 2700 से ज्यादा पर्यटक रेस्क्यू
कारोबारी हत्याकांड: चीत्कारों के बीच मानवेंद्र का अंतिम संस्कार, भतीजे ने दी मुखाग्नि
रश्मिका को सास से मिलेगी खास सौगात, विजय की मां सौंपेंगी खानदान की विरासत; दो परंपराओं से होगी कपल की शादी