पहलगाम हमले पर पाकिस्तान का जहरीला रुख, आतंकियों का महिमामंडन
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम के बैसरन में आतंकी हमले के बाद दुनियाभर का साथ भारत को मिल रहा है। आतंकी हमले की निंदा कर कई देशों ने भारत का समर्थन किया है, लेकिन पाकिस्तान अपनी घटिया हरकतों से बाज आने का नाम नहीं ले रहा है। दुनिया में आतंकियों की बर्बरता की आलोचना हो रही है और उनको कड़ी सजा देने की मांग उठ रही है। वहीं, पाकिस्तान के डिप्टी पीएम और विदेश मंत्री ने शर्मनाक बयान पहलगाम हमले को लेकर दिया है। डार ने 28 लोगों के हत्यारे आतंकियों को स्वतंत्रता सेनानी करार दिया है। डार ने आतंकियों की तारीफ करते हुए हमले को लेकर जहर उगला है। डार ने कहा कि 22 अप्रैल को पहलगाम हमले को अंजाम देने वाले लोग स्वतंत्रता सेनानी हो सकते हैं।
पाकिस्तान ने बुलाई थी बैठक
पाकिस्तानी विदेश मंत्री की यह टिप्पणी गुरुवार को आई। इससे एक दिन पहले आतंकियों के सरपरस्त पाकिस्तान के खिलाफ भारत ने कड़े कदम उठाए थे। मुख्य कदम 1960 की सिंधु जल संधि रद्द करना और पाकिस्तानी नागरिकों का वीजा रद्द करना था। इसके जवाब में पाकिस्तान ने भी गुरुवार को राष्ट्रीय सुरक्षा समिति (NSC) की मीटिंग बुलाई थी, जिसमें कई फैसले लिए गए थे।
पाकिस्तान ने वाघा बॉर्डर को बंद करना, व्यापार पर रोक के अलावा पाकिस्तानी एयरस्पेस में भारतीय विमानों के घुसने पर बैन लगाया था। सिंधु जल संधि को लेकर पाकिस्तान ने कहा था कि उनके 24 करोड़ लोगों को पानी चाहिए। पानी को रोकना युद्ध की तरह होगा। किसी तरह का निलंबन रद्द नहीं किया जा सकता।
डार की गीदड़भभकी
डार ने गीदड़भभकी दी थी कि अगर पाकिस्तान को धमकी दी, हमला किया तो उसी तरह का जवाब दिया जाएगा। पाकिस्तान किसी तरह का सीधा हमला बर्दाश्त नहीं करेगा। बता दें कि पाकिस्तान सिंधु जल संधि को रद्द करने के बाद बौखला चुका है। पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ भी इसे जंग बता चुके हैं। शहबाज शरीफ ने एनएससी बैठक के बाद कहा था कि सिंधु जल संधि के अनुसार पाकिस्तान के पानी के बहाव को रोकने या मोड़ने और निचले तटवर्ती लोगों के अधिकारों को हड़पने के किसी भी प्रयास को युद्ध माना जाएगा।

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