एक हाथ में शांति का प्रस्ताव, दूसरे में हथियार! अमेरिका की मंशा पर उठ रहे हैं सवाल
यूक्रेन युद्ध को खत्म करने के लिए रूस राष्ट्रपति पुतिन ने यूक्रेन के साथ सीधे बातचीत का प्रस्ताव रखा है. जिसके बाद 3 साल से ज्यादा समय से चल रहे इस संघर्ष के रुकने की उम्मीद जगी है, लेकिन ट्रंप प्रशासन ने एक बार और इसमें घी डालने का काम किया है. जहां एक तरफ ट्रंप ने भारत पाकिस्तान का सीजफायर कराया है, वहीं दूसरी तरफ रूस यूक्रेन के सीजफायर वार्ता के बीच रोड़ा बन गए हैं.
शुक्रवार को एक कांग्रेसी अधिकारी के हवाले से बताया कि अमेरिका ने जर्मन भंडार से यूक्रेन को 100 पैट्रियट एयर-डिफेंस मिसाइलें और 125 लंबी दूरी की आर्टिलरी रॉकेट्स के देने को मंजूरी दे दी है. अमेरिका के इस कदम के बाद एक बार फिर शांति वार्ता को धक्का लग सकता है.
शांति का जब समय आया तब दिया जंग का सामान
यूक्रेन राष्ट्रपति जेलेंस्की लंबे समय से लंबी दूरी की मिसाइलों और पैट्रियट सिस्टम की मांग कर रहे हैं. उन्होंने हाल ही में कहा था कि कीव अमेरिकी हथियारों पर 30-50 बिलियन डॉलर खर्च करने या उत्पादन लाइसेंस प्राप्त करने के लिए तैयार है और उन्होंने अपनी सरकार को पैट्रियट डील को आगे बढ़ाने का निर्देश दिया है.
इसके हर यूनिट की लागत 1 बिलियन डॉलर से ज्यादा है और इसे संचालित करने के लिए लगभग 90 कर्मियों की जरूरत होती है. जनवरी में व्हाइट हाउस वापसी के बाद से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन के लिए नई सैन्य सहायता को मंजूरी नहीं दी थी. अब जब रूस ने संकेत दिए हैं कि वह यूक्रेन से बिना अमेरिका के अंकारा में बातचीत करना चाहता है, तब ट्रंप ने ये मंजूरी दी है.
बाइडेन से मिले हथियार
खबरों के मुताबिक बाइडेन प्रशासन के समय मिले यूक्रेन को हथियार लगभग खत्म हो चुके हैं. ट्रंप ने यूक्रेन को हथियार देने में रुचि नहीं दिखाई थी, जिसके बाद उसको यूरोपीय सहयोगियों से मदद मिली है. अब ट्रंप ने शांति की उम्मीद के बीच यूक्रेन को 100 पैट्रियट एयर-डिफेंस मिसाइलें और 125 लंबी दूरी की आर्टिलरी रॉकेट्स सप्लाई को मंजूरी दी है.

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