तेज रफ्तार एंबुलेंस ने मारी टक्कर, कर्मचारी नेता की मौके पर मौत
जबलपुर। जबलपुर के खमरिया थाना क्षेत्र में शुक्रवार और शनिवार की दरमियानी रात एक भीषण सड़क हादसा हुआ, जिसमें एक बाइक सवार युवक की जान चली गई। तेज रफ्तार एंबुलेंस की टक्कर से 36 वर्षीय असीम दुबे की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक व्हीकल फैक्ट्री जबलपुर में कार्यरत थे और एक सक्रिय कर्मचारी नेता के रूप में पहचाने जाते थे।
देर रात हुआ हादसा
यह दुर्घटना रात करीब 1:30 बजे खमरिया अस्पताल तिराहे के पास हुई। जानकारी के अनुसार, असीम दुबे एक शादी समारोह में शामिल होने के बाद रांझी से अपने गांव पिपरिया की ओर लौट रहे थे। इसी दौरान शहडोल से जबलपुर की तरफ आ रही एक बेकाबू एंबुलेंस ने उनकी मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और एंबुलेंस भी अनियंत्रित होकर सड़क किनारे एक पेड़ से जा टकराई। राहगीरों की सूचना पर तत्काल पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुँचा, लेकिन तब तक असीम दुबे दम तोड़ चुके थे।
कर्मचारी जगत में शोक की लहर
असीम दुबे ऑल इंडिया डिफेंस एम्प्लॉई फेडरेशन (AIDEF) की व्हीकल फैक्ट्री कार्य समिति के सचिव थे। उनकी असामयिक मृत्यु की खबर मिलते ही सुरक्षा संस्थान के कर्मचारियों और श्रमिक संगठनों में शोक की लहर दौड़ गई। उनके सिर, सीने और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई थीं।
पुलिस की कार्रवाई
-
मामला दर्ज: खमरिया पुलिस ने एंबुलेंस चालक के विरुद्ध लापरवाही से वाहन चलाने का प्रकरण दर्ज कर लिया है।
-
मरीज का रेस्क्यू: दुर्घटना के समय एंबुलेंस में सवार मरीज को पुलिस और सुरक्षा गार्डों की मदद से दूसरे वाहन के जरिए अस्पताल पहुँचाया गया।
-
अंतिम संस्कार: शनिवार को पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद असीम दुबे का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव पिपरिया में किया जाएगा।

राशिफल 15 मई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल परीक्षा 2026 का परिणाम घोषित
खरीफ पूर्व तैयारी : राजनांदगांव में खाद वितरण तेज, वैकल्पिक उर्वरकों की ओर बढ़ा किसानों का रुझान
सहकारिता मंत्री सारंग ने चांदबड़ में किया "संपर्क अभियान 2026" का शुभारंभ
राज्यमंत्री गौर शुक्रवार को करेंगी ‘शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना’ का शुभारंभ, मप्र पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष डॉ. कुसमरिया भी होंगे शामिल
स्काउट्स-गाइड्स बनेंगे युवा दूत मासिक धर्म स्वच्छता और लैंगिक समानता पर टूटेगी चुप्पी