सेना में नौकरी दिलाने वाला शातिर ठग गिरफ्तार
वाराणसी । एसटीएफ की वाराणसी इकाई ने जनपद -बलिया कोतवाली थाना क्षेत्र के जमुआ से सेना में नौकरी के नाम पर ठगी करने के आरोपी शशि भूषण उपाध्याय को गिरफ्तार किया है।वह बांसडीह के डुडूमुसी चांदपुर का निवासी है। वाराणसी एसटीएफ इकाई के ए एस पी विनोद सिंह ने बताया कि विभिन्न सरकारी विभागों में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी की शिकायत मिली थी। छानबीन में शशि भूषण का नाम सामने आया। इस बीच सूचना में मिली कि कोलकाता से सतीश शशि भूषण बलिया जाकर किसी से मिलने वाला है। इस दौरान निरीक्षक पुनीत परिहार टीम के साथ पहुंचे और उसे गिरफ्तार कर लिया। उसके पास एक एक मोबाइल फोन, कूट रचित निवास प्रमाण पत्र और ₹1200 बरामद हुए।
शशि भूषण बलिया के लोगों को नौकरी के नाम पर फर्जी निवास और अन्य कागजात बनवाकर पैसा ऐठता था। वह प्रति व्यक्ति तीन से चार लाख रुपए लेता था। पूछताछ में 8 लोगों से पैसा लेने की बात सामने आई है।आरोपी पश्चिम बंगाल के स्थानीय लोगों को पैसा देकर उनसे शपथ पत्र पर लिखवाता था कि बलिया का व्यक्ति उनके यहां 15 वर्षों से रहता है। एसटीएफ की पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने इंटरमीडिएट तक की शिक्षा प्राप्त की। इसके बाद उसे पता चला की पश्चिम बंगाल सहित पुर्वोत्तर राज्यों के मूल निवासियों की मेरिट और राज्यों की तुलना में कम होने पर भी विशेष नियम के तहत सेना तथा अन्य विभागों में भर्ती हो जाती है। इस पर वर्ष 2000 में उसने पश्चिम बंगाल का फर्जी निवास प्रमाण पत्र बनवाया और सेना में भर्ती भी हो गया और फतेहपुर ट्रेनिंग सेंटर में प्रशिक्षण लेने लगा। निवास प्रमाण पत्र एवं शैक्षणिक प्रमाण पत्रों का सत्यापन सेना की ओर से कराया जा रहा था, उसे शक हो गया कि वह पकड़ा जाएगा।शक के आधार पर प्रशिक्षण बीच में ही छोड़कर वह भाग गया।कुछ दिन बाद नौकरी की तलाश करता रहा, कहीं पर नौकरी न मिलने पर स्वयं नौकरी देने के नाम पर ठगी करने लगा। बलिया शहर और आसपास के लोगों को झांसे में लेकर की पश्चिम बंगाल का निवास प्रमाण पत्र बनवाकर कम मेरिट होने पर भी सेना में भर्ती करा देगा, आश्वासन देता था।

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