अंटार्कटिका में पर्यटन को लेकर भारत ने जताई चिंता
भारत ने मंगलवार को अंटार्कटिका में नियंत्रित पर्यटन की जरूरत पर जोर देते हुए कहा है कि यह एक बड़ा मुद्दा है क्योंकि पिछले कुछ वर्षों में बर्फीले महाद्वीप में पर्यटकों की संख्या तेजी से बढ़ी है।पृथ्वी विज्ञान मंत्री किरन रिजिजू ने यहां 46वीं अंटार्कटिका संधि सलाहकार बैठक (एटीसीएम) के उद्घाटन के अवसर पर कहा, ''यह बर्फीला विस्तार सिर्फ एक जमा हुआ रेगिस्तान नहीं है बल्कि यह एक गतिशील, जीवित प्रयोगशाला है, जो सुरक्षा और अध्ययन के लिए हमारी सर्वोच्च प्रतिबद्धता की मांग करती है।''अंटार्कटिका के लिए संसद के रूप में माना जाने वाला एटीसीएम 56 देशों की भागीदारी के साथ बर्फीले महाद्वीप की देखरेख के लिए सर्वोच्च मंच है। इनमें से 29 देशों को सलाहकार का दर्जा मिला है। यह दर्जा निर्णय लेने की शक्तियों के साथ आता है।एटीसीएम सभी निर्णय सर्वसम्मति से लेता है। यहां चल रही एटीसीएम में अंटार्कटिका में पर्यटन के नियमन की रूपरेखा तैयार करने के लिए एक अलग कार्य समूह बनाया गया है।

तोषगांव प्री मैट्रिक आदिवासी कन्या छात्रावास में छात्राओं को सुरक्षित आवास के साथ मिल रहा सकारात्मक वातावरण
बस्तर हेरिटेज मैराथन में दौड़ेंगे सुकमा के 30 पुनर्वासित युवा
सिंहस्थ-2028 में दुनिया देखेगी सनातन संस्कृति का वैभव : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
इंडियन एयरलाइंस को खाड़ी क्षेत्र के 9 हवाई अड्डों से बचने और 32,000 फीट से नीचे न उड़ने की सलाह
छोटी-सी आर्थिक सहायता भारती के लिए बनी बहुत बड़ा सहारा
अबुझमाड़िया युवाओं ने अनुभव की लोकतंत्र की कार्यप्रणाली